उपक्षम रामटेके
मुख्य कार्यकारी संपादक।…
केरल में विधानसभा चुनाव है और दिल्ली से लेकर नागपुर तक पूरी ताकत भाजपा की तरफ से झोंकी जा रही है,लेकिन इतना प्रचार,इतनी रैलियां,इतना पैसा फिर भी भाजपा आज तक केरल में अपनी सरकार क्यों नहीं बना पाई?
क्योंकि केरल “भीड़” नहीं है,केरल “समझ” है। यहां साक्षरता 96% के आसपास है।,मतलब हर 100 में 96 लोग पढ़े-लिखे हैं। और जहां लोग पढ़ते हैं,आंकड़े समझते हैं,वहां तुम क्या बेचोगे? वही पुराना हिंदू-मुस्लिम वाला पैकेट?
यहां लोग पूछते हैं “GDP क्या है,रोजगार कितना बढ़ा,हेल्थ और एज्युकेशन बजट कितना है?” यहां “नारा” नहीं चलता, यहां “डेटा” चलता है।
भाजपा की सबसे बड़ी समस्या केरल में ये है कि उसके पास यहां दिखाने के लिए कोई स्टेट मॉडल ही नहीं है।
न गुजरात वाला कार्ड चलता है,न यूपी वाला। क्योंकि केरल का वोटर पूछता है“तुम यहां क्या नया करोगे?” और जवाब में मिलता है सन्नाटा।
केरल में ज्यादातर कांग्रेस की सरकार क्यों बनती है क्योंकि उन्होंने सालों तक जमीन पर काम किया है। केरल में 9000+ लाइब्रेरी हैं, हर गांव तक पढ़ाई पहुंचाई गई। सरकारी स्कूलों को डिजिटल बनाया गया। हेल्थ सिस्टम ऐसा कि आज भी सरकारी अस्पतालों पर भरोसा है।
यही वजह है कि केरल का Human Development Index पूरे भारत में टॉप पर रहता है।
भाजपा क्या कर रही है? वही पुराना प्लान धर्म का इंजेक्शन लगाओ,समाज को दो हिस्सों में बांटो,वोट निकालो।,”लेकिन केरल में ये इंजेक्शन काम नहीं करता,क्योंकि यहां का “मरीज” पहले ही पढ़-लिख चुका है।,”उसे पता है ये दवा नहीं,जहर है।
प्रधानमंत्री खुद बार-बार केरल क्यों आ रहे हैं? क्योंकि उन्हें पता है कि यहां बिना पूरी ताकत लगाए कुछ नहीं मिलने वाला। लेकिन दिक्कत ये है कि जितना भी प्रचार कर लो,अगर लोकल इश्यू पर पकड़ नहीं है,तो हेलीकॉप्टर उतरता रहेगा,मगर सरकार नहीं बनेगी।
केरल में भाजपा इसलिए नहीं जीतती क्योंकि वहां “डर” नहीं बिकता, “धर्म” नहीं बिकता, “झूठा नैरेटिव” नहीं बिकता।,”वहां सिर्फ काम बिकता है,और काम के नाम पर भाजपा के पास केरल के लिए अभी भी खाली फाइल है।
केरल में व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सर्टिफिकेट नहीं चलता,वहां असली यूनिवर्सिटी की डिग्री काम आती है।
इसलिए जितना भी शोर मचा लो,जितनी भी रैलियां कर लो,केरल कोई ऐसी जमीन नहीं है जहां सिर्फ भाषणोंसे फसल उग जाए।
वहां मेहनत करनी पड़ती है,और यही मेहनत भाजपा अब तक करने में नाकाम रही है।


