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लावारिस श्वानो की बढ़ती संख्या से दुपहिया वाहन चालकों ओर बच्चो में दहशत व्याप्त है।

  लक्षवेधी 

सैय्यद ज़ाकिर 

   उपसंपादक

दखल न्यूज भारत

      हिंगणघाट शहर में लावारिस श्वानो की समस्या दिनोदिन गंभीर होते जा रही है।अब यह समस्या सिर्फ पैदल चलने वालों के पूरता ही नहीं है,इसमें वाहन चालकों के साथ महिला ओर बच्चो के लिए भी खतरा निर्माण हो गया।

        इससे सम्बंधित पालिका प्रशासन ने जवाबदारी लेनी चाहिए,इसकी जरूरत है जनता की ऐसी मांग सामने आई है।अनेक बार लावारिस श्वानो का झुंड छोटे बड़े वाहनो के पीछे बेताहशा दौड़ते हैं। 

         रास्ते में अचानक से वाहनों का पीछा ओर छोटे बच्चो पर हमला करने की अनेक घटनाओं से बड़ा हादसा होने का सबब हो गया है। विशेष कर रात के समय में परिस्थिति ओर भी गंभीर हो जाती है।

            ऐसे हिंसक लावारिस कुत्तों के हमले की कोशिश कई दुपहिया वाहन सवार घबरा कर अपना नियंत्रण खोने से गिरने की घटना होने की जानकारी आई है। 

          स्कूल ओर क्लासेस जानेवाले बच्चे,महिला बुजुर्ग भी डर के साए में होने की जानकारी आई है। 

         शहर के अनेक इलाकों से जनता ने प्रशासन को बार बार शिकायत करने के उपरांत भी कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देने से जनता में नाराज़गी दिखाई दे रही है।

        लावारिस कुत्तों के काटने पर रेबीज़ का डर,जनता में मानसिक दबाव ओर डर का वातावरण अधिक निर्माण हो गया। 

          जनता की प्रशासन से अपेक्षा आवारा शवानो की बढ़ती संख्या में नसबंदी कार्य कर्म (ए बी सी )कार्य कर्म रेबीज टिका कार्य कर्म के अंतर गत शहर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में रेबीज के टीके उपलब्ध होना चाहिए। 

          बेजुबान प्राणियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है फिर भी जनता की सुरक्षा सर्व प्रथम है अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी योग्य कार्य वाही के आदेश दे दिए है। इस बारे में प्रशासन ने सर्वे कर असरदार ओर संतुलित उपाय करना चाहिए।हिंगणघाट की जनता द्वारा ऐसी मांग की गई है।