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मनुस्मृति,आरएसएस,हिंदू धर्म के अनुसार बहुजन शूद्र,ओबीसी,एससी,एसटी,एनटी,और भारत के पुरे बहुजन समाज को,भागवत कथा नही,संविधान कथा पढाने का समय आ गया है! 

      भारत के हर गाव मे संविधान सप्ताह कथा का आयोजन करने का वक्त आ चुका है! 

     अब यह लढाई संविधान और मनुस्मृति विचारधारा के बीच की रह गई है! 

      आंबेडकर वाद और भारतीय संविधान के प्रति इमानदार है तो, सभी भारतीय को मिलकर, अति शीघ्र अविलंब इस शुभ कार्य को निष्ठापूर्वक सुरुवात करने का समय आ चुका है! 

     भारत के हर गाव मे संविधान कथा होनी चाहिये, इस शुभकार्य को पुरे निष्ठा पूर्वक सुरुवात करे! 

     अगर संविधान कथा हर गाव मे शुरू नही किया उसका जागरण नही किया, तो हमारी पिढीया हजारो साल तक, मनुवादी के गुलाम बनकर , कावड यात्रा मे शामिल होकर बरबाद हो जायेगी

     भारत के कितने लोग भागवत कथा सुनाने केलीये लालायित हो जाते है! 

      कुछ मनुवादी शक्तीया संविधान खतम करके मनुवादी ब्राह्मणी धर्म स्थापन करणे की कोशिश कर रहे है! इसकी भारतीय लोगो को जरासी भी सुख बुगाहट नही ! 

      इसका आश्चर्य है ! यह मनुवादी शक्तीया, लोकतंत्र, न्याय पालिका, प्रसार प्रचार माध्यम सत्ता, ईडी, सीबीआय, अँटी करप्शन ब्युरो, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट मीडिया, इनके सहारे वह लोग लोकतंत्र को खतम करने की साजिश कर रहे है! 

      लोकतंत्र को कैसे खतम किया जा रहा है उसका एक उदाहरण महाराष्ट्र सरकारने जन सुरक्षा कानून मान्सून अधिवेशन मे पास करने का बिल लेकर आ रहे है! यह कानून पास होने के बाद, सरकार को कोई सवाल नही पूछेगा, जो सरकार को सवाल पूछेगा, उसे देशद्रोही करार दिया जायेगा यह कानून जन सुरक्षा का नही है!

      यह कानून जन सुरक्षा की हत्या करणे वाला कानून है! इस टाइप के कानून ला कर यह लोग लोकतंत्रका अग्निकांड कर रहे है! 

      यह सभी आरएसएस मनुवादी विचारधारा के लोग लोकतंत्र को खतम करके हिटलर शाही लाने का प्रयास कर रहे है! 

      इस देश का असली दुश्मन संविधान विरोधी लोग है! वही देश के दुश्मन है!  

      संविधान को बचाने के लिए सभी भारत वासियो को आजादी की दुसरी लढाई शुरु करने का समय आ चुका है!  

      अभी हमने संविधान बचाने का प्रयास नही किया ,तो यह लोग संविधान खतम करके ब्राह्मणवादी पुरस्कृत वैदिक धर्म की स्थापना करणे वाले है ! और उसके उपर हिंदू धर्म का लेबल लगाकर बहुजन के थालीयो मे परसनेका काम करने वाले है! 

      संविधान भारत की एकता, अखंडता बहु विविधता इसका यह प्रतीक है! इस प्रतीक को नष्ट करणे का काम सुरू हो चुका है! 

 संविधान बचेगा तो भारत बचेगा 

 सविधान खतम तो भारत खतम 

 यह मनुवादी शक्तीया उफान पर आ चुकी की है! इस विचारधाराने अपनी चरण सीमा पार कर चुकी है! 

अब यह लढाई दो विचारधारो के बीच कि है!  

 एक विचारधारा मनुवादी है जो सिर्फ सवर्ण,भांडवलदार,शेडजी, भडजी,ब्राह्मण,बनिया, इनका कल्याण करने वाली है! 

 और दुसरी विचारधारा आंबेडकरवादी संविधान की रक्षा करने वाली विचारधारा है! 

       यह विचारधारा, एससी, एसटी, एनटी, दलित, पिछडे, आदिवासी, बहुजन समाज, पिछडी जाती, भारत का संपूर्ण शोषित समाज, इनका कल्याण करने वाली यह विचारधारा है! 

     इसे डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के रूप मे हमे दिया है ! 

    संविधान को बचाना हर भारत वासियोंकि यह एक जिम्मेदारी बन चुकी है! 

 आओ हम इस संविधान को बचाये! और संविधान को बचने वाले आजादी की लढाई की सुरुवात करे 

 जय संविधान जय भारत  

         दीपक जाधव   

         मानवता सत्य धर्म 

               9822659688