सैय्यद ज़ाकिर
उपसंपादक
दखल न्यूज भारत
हिंगणघाट :- नैशनल हाइवे नम्बर सात पर जानलेवा गड्ढों की कतार लग गई है। हिंगणघाट से लेकर जाम चौरस्ता मार्ग का 11की. मि.का अंतर है यह नागपुर मार्ग भी है।यही मार्ग कश्मीर से कन्याकुमारी तक जुड़ा है। नैशनल हाइवे होने से दिन रात छोटे बड़े से बड़े वाहनों का आवागमन लगा रहेता है।

इस 11की.मि.के लंबे मार्ग पर हर सौ से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर बड़े से बड़े गड्ढों की भरमार हो गई है। यहाँ से वाहन चालकों को अपने वाहन चलाने में भारी परेशानी होती हैं। हाइवे होने से वाहनों की गति तेज़ होती है। बारिश में यह जानलेवा गड्ढे पानी से भर जाते है जिससे मार्ग साफ दिखाई नहीं देता।छोटे बड़े वाहनों की दुर्घटना होने की बड़ गई है।
लेकिन हायवे अथॉरिटी अधिकारियों गहरी नींद में सोने की भूमिका निभाने माहिर है। सोये हुए को जगाया जा सकता है, लेकिन सोने की भूमिका निभाने वाले को जगाना ,नैशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारियों के लिए शर्मसार करने वाली बात है।नैशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारि जनता को सुविधा ओर सुरक्षा दे पायेगा क्या?



