उपक्षम रामटेके
मुख्य कार्यकारी संपादक…
चंद्रपुर : ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प प्रशासन द्वारा होमस्टे धारकों को विशेष रूप से क्रूझर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय के विरोध में WE CARE FOUNDATION,चंद्रपुर ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है।
इस संबंध में संस्था के अध्यक्ष हिमायूँ इसराईल अली द्वारा प्रभुनाथ शुक्ला,वनसंरक्षक तथा क्षेत्र संचालक,ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प, चंद्रपुर को औपचारिक निवेदन सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 21 जनवरी 2026 को उप संचालक (कोर) आनंद रेड्डी येल्लू एवं अन्य अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मोहर्ली क्षेत्र हेतु एक तथा कोलारा क्षेत्र हेतु एक क्रूझर वाहन होमस्टे धारकों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था दिनांक 4 फरवरी 2026 से लागू की गई।
WE CARE FOUNDATION का कहना है कि इस निर्णय के कारण चंद्रपुर के स्थानिक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों तथा सामान्य पर्यटकों को जंगल सफारी बुकिंग में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पहले जो सुविधा स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों के लिए उपलब्ध थी,उसमें कटौती कर निजी होमस्टे धारकों को लाभ पहुंचाना अन्यायपूर्ण एवं जनविरोधी निर्णय है।
संस्था अध्यक्ष हिमायूँ इसराईल अली ने कहा कि यदि वन विभाग को होमस्टे धारकों के लिए विशेष सुविधा देनी है,तो उसके लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए, परंतु स्थानीय नागरिकों के हिस्से की सुविधा कम करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
WE CARE FOUNDATION ने वन विभाग से मांग की है कि होमस्टे धारकों को दी गई उक्त क्रूझर वाहन सुविधा तत्काल बंद कर पूर्ववत व्यवस्था चंद्रपुर के स्थानिक नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों के लिए पुनः चालू की जाए।
संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया,तो WE CARE FOUNDATION चंद्रपुरवासियों एवं पर्यावरण प्रेमियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर तीव्र आंदोलन करेगी,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग प्रशासन की होगी।
निवेदन देते समय वी केयर फाउंडेशन के उपाध्यक्ष – सुयोग भोयर, सचिव – प्रफुल्ल जेनेकर, कोषाध्यक्ष – सागर दुर्गे,सदस्य – हाजी अली, मोहम्मद समीर,सचिन डाखरे, की उपस्थिति थी।





