सैय्यद ज़ाकिर
उपसंपादक
दखल न्यूज भारत
हिंगणघाट :- शहर के टाका ग्राउंड परिसर में स्थित नागरी प्राथमिक अरोग्य वर्धिनी केंद्र में अनेक समसायो से मरीजों को हो रही है परेशानी । परेशानी का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि यहां पर कर्मचारियों की कामतरता है।
एक कर्मचारी अपने काम को अधूरा छोड़ कर,किसी दूसरे के कार्य की जिम्मेदारी को भी उठाना पड़ता हैं। नोंदनी कक्ष में नाम दर्ज करने वाले कर्मचारी को पट्टी बंधन का भी कार्य करना पड़ता हैं। नोंदनी कक्ष में चिट्ठी निकालने वाले मरीजों को कतार खड़े रहेना पड़ता है।
कक्ष में एक ही कर्मचारी कार्यरत है,जबकि दो होना चाहिए। छुट्टी पर चले जाने वाले कर्मचारी की काम पर वापसी की संभावना कम दिखाई देती है। मरीजों को उपचार में दिए जाने वाली दवाईयों की हमेशा कमतरता रहती है। खत्म हो जाती है। मरीजों को अति आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पाती।
जैसे कफ सायरफ , टी टी के इंजेक्शन साधारण सी दवाइयां उस समय नहीं मिलती ।ऐसी परेशानियां मरीजों को होती है। इसमें अरोग्य वर्धिनी केंद्र के अधिकारी , कर्मचारी वर्ग भी खुद परेशान हैं। शहर के मध्य भाग में यह अरोग्य वर्धिनी केंद्र होने से जनता यह केंद्र नजदीक पड़ता है,इसलिए मरीज दूर ना जाकर यहां आते ही है।
लेकिन असुविधाओं के अंबार के चलते मरीज़ काफ़ी परेशान हो रहे है। इन समस्याओ पर जिल्हा शल्य चिकित्सक सामान्य रुग्णालय वर्धा ( सी. एस.)तुरंत इनका निवारण कर पायेंगे क्या ? इसको लेकर अरोग्य वर्धिनी केंद्र में आने वाले मरीजों में गंभीर चर्चा का विषय है।



