सैय्यद ज़ाकिर
उपसंपादक
दखल न्यूज भारत
हिंगणघाट :- नगर परिषद वाचनालय से लेकर आस्ताना कब्रस्तान तक इस मार्ग के मध्य भाग के दोनो तरफ धार्मिक स्थल है इस मार्ग की पश्चिम दिशा में हज़रत बाबा नन्हा शा वली (र. अ.)की दर्गाह है। ओर दूसरी तरफ उत्तर पूर्व दिशा में हज़रत सैय्यद शाह बाबा ओर हज़रत सैय्यद वकील शाह बाबा की दर्गाह है। इन धार्मिक स्थल के आवागमन मार्ग पर गंदगी का आलम हो गया है।
यह धार्मिक स्थल सर्व धर्म समभाव के प्रतीक है।यहां हिंदू मुस्लिम सभी भाई दर्शन करने आते है। यहाँ पड़ी गंदगी के सड़ने से दुर्गंध आती है यहां से आने जाने वालों को इस गंभीर समस्या झेलना पड़ता हैं। यह धार्मिक स्थल आस्था का प्रतीक है,ऐसी जगह पनप रही गंदगी संबंधित विभाग के अधिकारियों के लिए शर्मसार होने वाली बात है।इस मार्ग पर उजाले की कमी है, लाइटे शुरू है लेकिन रौशनी धुंधली है।
रात के समय वाहन साफ दिखाई नहीं देते।ओर कुछ की रौशनी झाड़ो की बड़ी डालियों ने प्रकाश पर बाधा निर्माण कर दी है। जिससे यहां कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बड़ गई हैं। इस प्रभाग के नए नगरसेवकों अभी हाल ही में आगमन हुआ है,लेकिन पिछले नगर सेवक,समाज सेवको की अनदेखी का नतीजा साफ दिखलाई देता है।
उसी तरह श्री.लक्ष्मी टॉकीज के पीछे के परिसर में निवासी रहते है,ओर बोहरा समुदाय की मस्जिद भी है इस परिसर बड़ी मात्रा में कचरे से गंदगी फैल गई इन तमाम जगहों की गंदगी से जानलेवा जीव जंतु उत्पन्न होते हैं जिससे जनता के स्वास्थ को नुकसान ही है। जान लेवा जंतु गगन चुंबी इमारत हो या जमीनी घर ये कही भी गंदगी से पैदा हो जाते है इन्हे किसी लिफ्ट की जरूरत नहीं है जहां गंदगी होगी वहीं इनका आशियाना है।

नगरपरिषद की लापरवाही की कार्य प्रणाली के चलते जनता की चर्चा में यह विषय गंभीर है। एक कहावत है “चिराग तले अंधेरा ” नगर परिषद अपने इमारत के पीछे के गली में पड़ी गंदगी पर ध्यान नहीं दे रही है तो दूसरी जगहों पर पनप रही गंदगी का क्या होगा? इस पर जनता की निगाहे त्राटक है।



