Home देशविदेश भारत देश में धर्म और जाती पुच्छकर हत्याए,शोषण,अन्याय,अत्याचार करणे वाले भी आतंकवादी...

भारत देश में धर्म और जाती पुच्छकर हत्याए,शोषण,अन्याय,अत्याचार करणे वाले भी आतंकवादी हैं,नक्षल आतंकवादी है,उनको भी सजाएं मौत होनी चाहिए। ‌ — बिहार और पश्चिम बंगाल राज्य का विधासभा चुनाव नजदीक आते ही धर्म की नशा बढ़ाने लगे हैं?

प्रदीप रामटेके 

 मुख्य संपादक 

       भारत देश में धर्म और जाती पुच्छकर हत्याए,शोषण,अन्याय,अत्याचार करणे वाले भी आतंकवादी हैं,नक्षल आतंकवादी है।उनको सजाए मौत होनी चाहिए।

        भारत देश को,धर्म निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य संरचना में संकलित किया है,इसलिए समता,स्वतंत्र्य,बंधुत्व,न्याय,के बुनियादी ढांचा के अनुसार धर्म की संरचना हो और इसी आधार पर भारत देश के हर नागरिकों की सुरक्षा हेतु भारत सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों की और से भारतीय संविधान के अनुसार हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए।

        जिस देश मे जाती पुछकर जाती के नाम पर देश मे हर रोज कही ना कही हत्याये होती रहती है,उस देश मे लोगो को धर्म के नाम पर उकसाया जाता है।

      इसलिए देश के आम लोगो कि हत्या करने वाले कोई भी हत्यारे हो उन्हे कठोर से कठोर शासन और शिक्षा जल्द होनी चाहिये।..

     अगर धर्म पुछ कर मारने वाले आतंकवादी है,तो देश मे जाती पूछकर मारने वाले भी आतंकवादी ही होते है।

      क्युकी दोनों की सोच,दिमाग और वर्तन एक जैसा होता है।हर बार हिंदू मुस्लिम की थेरी बताकर लोगो को आपस मे भिडाया जाता है और अपनी गंदी राजनीति की रोटी से शेकी जाती है।

       इस षडयंत्र मे देश का बिकाऊ दलाल मिडिया भी एक नंबर पर शामिल है।ऐसा मीडिया का बहिष्कार करो उसे देखना भारत देश के नागरिकों नें छोड देना चाहिए।

      मीडिया के द्वारा देश मे भाईचारा,अमन और शांती स्थापित करने का काम करना आवश्यक है,वही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया लोगो मे धर्म के नाम पर जहर घोल रहे है।

      किसी भी तरह के हमले में देश के निर्दोष नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु दुःखद एवं दर्दनाक है।

       अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती,अपराध ही उसका धर्म और जाति होती है और ऐसे गुन्हगार सभी धर्म जातियों में कुछ प्रमाण मे देखे जाते है।

      लेकिन ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहें,जो ऐसे हमलों के जरिए अपनी राजनैतिक,धार्मिक जमीन तयार करते है।ध्यान रखें कि किसी भी तरह से देश का माहौल खराब न हो।

       और जाति तथा धर्म के आधार पर अपने करीबी लोगों से दूरी न बनाएं,ऐसा संदेश देश हर नागरिकोंने हर नागरिकों को हमेशा देना चाहिए।

      ताकि भारत देश के नागरिकों को हमेशा शांती,सदभावना और अमन का सुकून मिले।