भामरागड में बकरी की चोरी, चोर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

239

 

भामरागड

घटना सोमवार 26 अप्रैल की है, की दो लोग नामे, दीपक कोडापे उम्र लगभग 35, और रवि उइके उम्र लगभग 40, मौका देखकर एक बकरा को लेकर बेचने की कोशिश की। रात दो बजे कसाइयों को बेचने ले गए तो उनको शक हुआ तो लेने से इनकार किया। तब इन दोनो ने बकरा को ताड़गांव ले गए और उसे काटकर बेचा।

बकरे का मालिक सुंदरशाह कोडापे उम्र 55 दो दिन तक लगातार ढूंढ रहे थे, लेकिन कहीं दिखाई नहीं दिया। मंगलवार जब कसाइयों के बीच बातचीत के दरम्यान इस बात का खुलासा हुआ की रात को बेचने के लिए लाया वाला बकरा कहा का है। कसाइयों के बीच सामान्य बातचीत के समय मालिक का लड़का मौजूद था और ये बात सामने आया।

इस पर तथाकथिक आरोपियों में अपनी गलती मान ली। पर अब तक बकरे का मालिक को कुछ मुआवजा नहीं मिला, और ना ही पुलिस की कोई कारवाई इस पर हुई। सोचने वाली बात ये है की अभी भी आरोपी मस्त है और उल्टा मालिक को गाली गलौच कर रहे है। मालिक पुलिस मदत की तलाश कर रहा है।

एक प्रश्न ये है की इन छोटी मोटी चोरी को कैसे रोका जा सकता है? अगर पुलिस कुछ ठोस कदम न उठाए तो जो चोरी की उनको कानून का डर कैसा रहेगा?