23 वर्षीय महिला ने दी 3 बच्चे को जन्म, बच्चो के फेफड़े में तकलीफ होने के कारण बच्चो के प्रति डॉक्टरों का निगरानी

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दिपक बेडके सिरोंचा
अति संवेदनशील क्षेत्र बीजापुर जिला के भैरमगढ़ के पिनकोडा गांव की गर्भवती आदिवासी महिला सोमली उरसा 23 वर्ष ने 3 बच्चे को एक साथ जन्म दिया। बीजापुर के सीएमएचओ डॉ पुजारी के अनुसार क्षेत्र का यह पहला मामला है।
बीजापुर जिला अस्पताल में 21 जुलाई को शाम को बीजापुर जिला के भैरमगढ ब्लॉक के ग्राम पिनकोंडा से एक आदिवासी महिला सोमली उरसा 23 वर्ष को प्रसव (डिलीवरी) के लिए लाया गया जब वहां उपस्थित चिकित्सकों ने उनकी जांच की तो सोनोग्राफी मे तीन दिखाई दिए महिला डॉक्टर और स्टाप ने मिलकर नॉर्मल डिलीवरी कराई तीनो बच्चो मे दो लड़के व एक लड़की है बच्चों का वजन एक लड़का 1 किलो 100 ग्राम दुसरा लड़का 900 व लड़की ग्राम 800 ग्राम वजन है ।बच्चो का 24से 48 घण्टे बहुत ही महत्वपुर्ण है। प्रसव होने के बाद महिला को खून की कमी होने के कारण बीजापुर के राजु गांधी के अथृक प्रयास से बीजापुर के एक व्यापारी धनंजय यादव ने ब्लड बैंक में पहुंचकर तत्काल रक्त दान देकर मानवता का परिचय दिया।
शिशु विशेषक डॉ विवेक सर ने बताया कि फेफड़े भी सही विकसीत नही है श्वास लेने में बच्चो को तकलीफ भी थोड़ी है। तीनों बच्चे डॉक्टरो की निगरानी में है।